17 नवंबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

मंगलवार, 17 नवंबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:50 तक), नक्षत्र श्रवण (08:47 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 15:06 से 16:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:20
रात 05:21 तक
तिथि
सप्तमी, 10:50 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 08:47 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:21 – 06:59टालें
उद्वेग06:59 – 08:36टालें
चर08:36 – 10:13सामान्य
लाभ10:13 – 11:51शुभ
अमृत11:51 – 13:28शुभ
काल13:28 – 15:06टालें
शुभ15:06 – 16:43शुभ
रोग16:43 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:20 – 19:43टालें
लाभ19:43 – 21:06शुभ
उद्वेग21:06 – 22:28टालें
शुभ22:28 – 23:51शुभ
अमृत23:51 – 01:13शुभ
चर01:13 – 02:36सामान्य
रोग02:36 – 03:58टालें
काल03:58 – 05:21टालें

17 नवंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:50 तक
शुक्ल अष्टमी 12:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 08:47 तक
धनिष्ठा 11:04, 18 नव॰ तक
योग
वृद्धि 14:24 तक
ध्रुव 14:35, 18 नव॰ तक
करण
वणिज 10:50 तक
विष्टि (भद्रा) 23:47 तक
बव 12:35, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 22:00 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
11:27
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
15:06 – 16:43
यमगंड
08:36 – 10:13
गुलिक काल
11:51 – 13:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2106:26दिन
सूर्य06:2607:31दिन
शुक्र07:3108:36दिन
बुध08:3609:41दिन
चंद्र09:4110:46दिन
शनि10:4611:51दिन
गुरु11:5112:56दिन
मंगल12:5614:01दिन
सूर्य14:0115:06दिन
शुक्र15:0616:10दिन
बुध16:1017:15दिन
चंद्र17:1518:20दिन
शनि18:2019:15रात
गुरु19:1520:10रात
मंगल20:1021:06रात
सूर्य21:0622:01रात
शुक्र22:0122:56रात
बुध22:5623:51रात
चंद्र23:5100:46रात
शनि00:4601:41रात
गुरु01:4102:36रात
मंगल02:3603:31रात
सूर्य03:3104:26रात
शुक्र04:2605:21रात

अयनांश 24.2325° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।