19 नवंबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

गुरुवार, 19 नवंबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (13:36 तक), नक्षत्र शतभिषा (12:40 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 13:29 से 15:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:21
रात 05:21 तक
तिथि
नवमी, 13:36 तक
दशमी
नक्षत्र
शतभिषा, 12:40 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:21 – 06:58शुभ
रोग06:58 – 08:36टालें
उद्वेग08:36 – 10:14टालें
चर10:14 – 11:51सामान्य
लाभ11:51 – 13:29शुभ
अमृत13:29 – 15:06शुभ
काल15:06 – 16:44टालें
शुभ16:44 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:21 – 19:44शुभ
चर19:44 – 21:06सामान्य
रोग21:06 – 22:29टालें
काल22:29 – 23:51टालें
लाभ23:51 – 01:14शुभ
उद्वेग01:14 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 03:58शुभ
अमृत03:58 – 05:21शुभ

19 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 13:36 तक
शुक्ल दशमी 13:46, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 12:40 तक
पूर्वा भाद्रपद 13:26, 20 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 14:12 तक
हर्षण 13:10, 20 नव॰ तक
करण
कौलव 13:36 तक
तैतिल 01:48, 20 नव॰ तक
गर 13:46, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
13:08
चंद्रास्त
01:02
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:29 – 15:06
यमगंड
05:21 – 06:58
गुलिक काल
08:36 – 10:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2106:26दिन
मंगल06:2607:31दिन
सूर्य07:3108:36दिन
शुक्र08:3609:41दिन
बुध09:4110:46दिन
चंद्र10:4611:51दिन
शनि11:5112:56दिन
गुरु12:5614:01दिन
मंगल14:0115:06दिन
सूर्य15:0616:11दिन
शुक्र16:1117:16दिन
बुध17:1618:21दिन
चंद्र18:2119:16रात
शनि19:1620:11रात
गुरु20:1121:06रात
मंगल21:0622:01रात
सूर्य22:0122:56रात
शुक्र22:5623:51रात
बुध23:5100:46रात
चंद्र00:4601:41रात
शनि01:4102:36रात
गुरु02:3603:31रात
मंगल03:3104:26रात
सूर्य04:2605:21रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।