31 अक्टूबर 2028 को सुवा का चौघड़िया

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:38 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:50 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 15:01 से 16:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:12
रात 05:26 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:38 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 10:50 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:27 – 07:03टालें
उद्वेग07:03 – 08:38टालें
चर08:38 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:50शुभ
अमृत11:50 – 13:25शुभ
काल13:25 – 15:01टालें
शुभ15:01 – 16:37शुभ
रोग16:37 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:12 – 19:36टालें
लाभ19:36 – 21:01शुभ
उद्वेग21:01 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 23:49शुभ
अमृत23:49 – 01:14शुभ
चर01:14 – 02:38सामान्य
रोग02:38 – 04:02टालें
काल04:02 – 05:26टालें

31 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:38 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:38, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:24, 1 नव॰ तक
योग
हर्षण 22:18 तक
वज्रअशुभ 22:44, 1 नव॰ तक
करण
तैतिल 17:38 तक
गर 06:41, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
16:22
चंद्रास्त
03:37
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
15:01 – 16:37
यमगंड
08:38 – 10:14
गुलिक काल
11:50 – 13:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2706:31दिन
सूर्य06:3107:34दिन
शुक्र07:3408:38दिन
बुध08:3809:42दिन
चंद्र09:4210:46दिन
शनि10:4611:50दिन
गुरु11:5012:53दिन
मंगल12:5313:57दिन
सूर्य13:5715:01दिन
शुक्र15:0116:05दिन
बुध16:0517:08दिन
चंद्र17:0818:12दिन
शनि18:1219:08रात
गुरु19:0820:05रात
मंगल20:0521:01रात
सूर्य21:0121:57रात
शुक्र21:5722:53रात
बुध22:5323:49रात
चंद्र23:4900:45रात
शनि00:4501:42रात
गुरु01:4202:38रात
मंगल02:3803:34रात
सूर्य03:3404:30रात
शुक्र04:3005:26रात

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।