9 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026, तिरुवनंतपुरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (21:36 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (21:19 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 10:39 से 12:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:09
रात 06:09 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:36 तक
अमावस्या
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 21:19 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:09 – 07:39सामान्य
लाभ07:39 – 09:09शुभ
अमृत09:09 – 10:39शुभ
काल10:39 – 12:09टालें
शुभ12:09 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:39टालें
चर16:39 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:39टालें
काल19:39 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:09टालें
शुभ00:09 – 01:39शुभ
अमृत01:39 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:09टालें

9 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 21:36 तक
अमावस्या 21:20, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 21:42, 10 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 23:21 तक
इंद्र 22:02, 10 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:53 तक
शकुनि 21:36 तक
चतुष्पद 09:24, 10 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
04:50
चंद्रास्त
17:09
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:39 – 12:09
यमगंड
15:09 – 16:39
गुलिक काल
07:39 – 09:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0907:09दिन
बुध07:0908:09दिन
चंद्र08:0909:09दिन
शनि09:0910:09दिन
गुरु10:0911:09दिन
मंगल11:0912:09दिन
सूर्य12:0913:09दिन
शुक्र13:0914:09दिन
बुध14:0915:09दिन
चंद्र15:0916:09दिन
शनि16:0917:09दिन
गुरु17:0918:09दिन
मंगल18:0919:09रात
सूर्य19:0920:09रात
शुक्र20:0921:09रात
बुध21:0922:09रात
चंद्र22:0923:09रात
शनि23:0900:09रात
गुरु00:0901:09रात
मंगल01:0902:09रात
सूर्य02:0903:09रात
शुक्र03:0904:09रात
बुध04:0905:09रात
चंद्र05:0906:09रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय तिरुवनंतपुरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।