4 नवंबर 2027 को तिरुवनंतपुरम का चौघड़िया

गुरुवार, 4 नवंबर 2027, तिरुवनंतपुरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (21:38 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (15:25 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 13:34 से 15:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 17:59
रात 06:11 तक
तिथि
षष्ठी, 21:38 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 15:25 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:11 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:08टालें
उद्वेग09:08 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:05सामान्य
लाभ12:05 – 13:34शुभ
अमृत13:34 – 15:02शुभ
काल15:02 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:59 – 19:31शुभ
चर19:31 – 21:02सामान्य
रोग21:02 – 22:34टालें
काल22:34 – 00:05टालें
लाभ00:05 – 01:37शुभ
उद्वेग01:37 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:11शुभ

4 नवंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 21:38 तक
शुक्ल सप्तमी 00:09, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 18:19, 5 नव॰ तक
योग
धृति 20:02 तक
शूलअशुभ 20:54, 5 नव॰ तक
करण
कौलव 08:31 तक
तैतिल 21:38 तक
गर 10:51, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 22:07 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
11:06
चंद्रास्त
23:00
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:34 – 15:02
यमगंड
06:11 – 07:40
गुलिक काल
09:08 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1107:10दिन
मंगल07:1008:09दिन
सूर्य08:0909:08दिन
शुक्र09:0810:07दिन
बुध10:0711:06दिन
चंद्र11:0612:05दिन
शनि12:0513:04दिन
गुरु13:0414:03दिन
मंगल14:0315:02दिन
सूर्य15:0216:01दिन
शुक्र16:0117:00दिन
बुध17:0017:59दिन
चंद्र17:5919:00रात
शनि19:0020:01रात
गुरु20:0121:02रात
मंगल21:0222:03रात
सूर्य22:0323:04रात
शुक्र23:0400:05रात
बुध00:0501:06रात
चंद्र01:0602:07रात
शनि02:0703:08रात
गुरु03:0804:09रात
मंगल04:0905:10रात
सूर्य05:1006:11रात

अयनांश 24.2460° (लाहिड़ी)। समय तिरुवनंतपुरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।