9 अक्टूबर 2025 को उदयपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025, उदयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को उदयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (22:54 तक), नक्षत्र भरणी (20:02 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:14
रात 06:30 तक
तिथि
तृतीया, 22:54 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 20:02 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:30 – 07:58शुभ
रोग07:58 – 09:26टालें
उद्वेग09:26 – 10:54टालें
चर10:54 – 12:22सामान्य
लाभ12:22 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:18शुभ
काल15:18 – 16:46टालें
शुभ16:46 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:14 – 19:46शुभ
चर19:46 – 21:18सामान्य
रोग21:18 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:22टालें
लाभ00:22 – 01:54शुभ
उद्वेग01:54 – 03:26टालें
शुभ03:26 – 04:58शुभ
अमृत04:58 – 06:30शुभ

9 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 22:54 तक
कृष्ण चतुर्थी 19:38, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:02 तक
कृत्तिका 17:31, 10 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 21:32 तक
सिद्धि 17:41, 10 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:38 तक
विष्टि (भद्रा) 22:54 तक
बव 09:14, 10 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 01:23, 10 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
19:46
चंद्रास्त
08:40
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:18
यमगंड
06:30 – 07:58
गुलिक काल
09:26 – 10:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3007:29दिन
मंगल07:2908:27दिन
सूर्य08:2709:26दिन
शुक्र09:2610:24दिन
बुध10:2411:23दिन
चंद्र11:2312:22दिन
शनि12:2213:20दिन
गुरु13:2014:19दिन
मंगल14:1915:18दिन
सूर्य15:1816:16दिन
शुक्र16:1617:15दिन
बुध17:1518:14दिन
चंद्र18:1419:15रात
शनि19:1520:16रात
गुरु20:1621:18रात
मंगल21:1822:19रात
सूर्य22:1923:21रात
शुक्र23:2100:22रात
बुध00:2201:23रात
चंद्र01:2302:25रात
शनि02:2503:26रात
गुरु03:2604:28रात
मंगल04:2805:29रात
सूर्य05:2906:30रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय उदयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।