5 नवंबर 2027 को उदयपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 नवंबर 2027, उदयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 नवंबर 2027 को उदयपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (00:09, 6 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (18:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:53
रात 06:44 तक
तिथि
सप्तमी, 00:09 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 18:19 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:44 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:31शुभ
अमृत09:31 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:18टालें
शुभ12:18 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:05टालें
उद्वेग15:05 – 16:29टालें
चर16:29 – 17:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:53 – 19:29टालें
काल19:29 – 21:05टालें
लाभ21:05 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:18टालें
शुभ00:18 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:31शुभ
चर03:31 – 05:08सामान्य
रोग05:08 – 06:44टालें

5 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 00:09, 6 नव॰ तक
शुक्ल अष्टमी 02:50, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:26, 6 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 20:54 तक
गंडअशुभ 21:53, 6 नव॰ तक
करण
गर 10:51 तक
वणिज 00:09, 6 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:30, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
12:32
चंद्रास्त
23:37
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:18
यमगंड
15:05 – 16:29
गुलिक काल
08:07 – 09:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4407:39दिन
बुध07:3908:35दिन
चंद्र08:3509:31दिन
शनि09:3110:27दिन
गुरु10:2711:22दिन
मंगल11:2212:18दिन
सूर्य12:1813:14दिन
शुक्र13:1414:10दिन
बुध14:1015:05दिन
चंद्र15:0516:01दिन
शनि16:0116:57दिन
गुरु16:5717:53दिन
मंगल17:5318:57रात
सूर्य18:5720:01रात
शुक्र20:0121:05रात
बुध21:0522:10रात
चंद्र22:1023:14रात
शनि23:1400:18रात
गुरु00:1801:23रात
मंगल01:2302:27रात
सूर्य02:2703:31रात
शुक्र03:3104:36रात
बुध04:3605:40रात
चंद्र05:4006:44रात

अयनांश 24.2460° (लाहिड़ी)। समय उदयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।