17 जनवरी 2026 को उडुपी का चौघड़िया

शनिवार, 17 जनवरी 2026, उडुपी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जनवरी 2026 को उडुपी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:04, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मूल (08:12 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 09:49 से 11:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:24
रात 06:58 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:04 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:57 – 08:23टालें
शुभ08:23 – 09:49शुभ
रोग09:49 – 11:15टालें
उद्वेग11:15 – 12:41टालें
चर12:41 – 14:06सामान्य
लाभ14:06 – 15:32शुभ
अमृत15:32 – 16:58शुभ
काल16:58 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:24 – 19:58शुभ
उद्वेग19:58 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 23:06शुभ
अमृत23:06 – 00:41शुभ
चर00:41 – 02:15सामान्य
रोग02:15 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:23टालें
लाभ05:23 – 06:58शुभ

17 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:14, 18 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:18 तक
हर्षण 21:11, 18 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:16 तक
शकुनि 00:04, 18 जन॰ तक
चतुष्पद 12:46, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
05:42
चंद्रास्त
17:09
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
09:49 – 11:15
यमगंड
14:06 – 15:32
गुलिक काल
06:57 – 08:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5707:55दिन
गुरु07:5508:52दिन
मंगल08:5209:49दिन
सूर्य09:4910:46दिन
शुक्र10:4611:43दिन
बुध11:4312:41दिन
चंद्र12:4113:38दिन
शनि13:3814:35दिन
गुरु14:3515:32दिन
मंगल15:3216:29दिन
सूर्य16:2917:27दिन
शुक्र17:2718:24दिन
बुध18:2419:27रात
चंद्र19:2720:29रात
शनि20:2921:32रात
गुरु21:3222:35रात
मंगल22:3523:38रात
सूर्य23:3800:41रात
शुक्र00:4101:43रात
बुध01:4302:46रात
चंद्र02:4603:49रात
शनि03:4904:52रात
गुरु04:5205:55रात
मंगल05:5506:58रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय उडुपी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।