19 अक्टूबर 2026 को वडोदरा का चौघड़िया

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, वडोदरा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (10:52 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (15:38 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:09
रात 06:35 तक
तिथि
अष्टमी, 10:52 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 15:38 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:35 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:48टालें
चर13:48 – 15:15सामान्य
लाभ15:15 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:09 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:48टालें
लाभ22:48 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:35सामान्य

19 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 10:52 तक
शुक्ल नवमी 12:50, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:02, 20 अक्टू॰ तक
योग
धृति 00:35, 20 अक्टू॰ तक
शूलअशुभ 00:50, 21 अक्टू॰ तक
करण
बव 10:52 तक
बालव 23:55 तक
कौलव 12:50, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
13:48
चंद्रास्त
00:02
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:28
यमगंड
10:55 – 12:22
गुलिक काल
13:48 – 15:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3507:32दिन
शनि07:3208:30दिन
गुरु08:3009:28दिन
मंगल09:2810:26दिन
सूर्य10:2611:24दिन
शुक्र11:2412:22दिन
बुध12:2213:19दिन
चंद्र13:1914:17दिन
शनि14:1715:15दिन
गुरु15:1516:13दिन
मंगल16:1317:11दिन
सूर्य17:1118:09दिन
शुक्र18:0919:11रात
बुध19:1120:13रात
चंद्र20:1321:15रात
शनि21:1522:17रात
गुरु22:1723:20रात
मंगल23:2000:22रात
सूर्य00:2201:24रात
शुक्र01:2402:26रात
बुध02:2603:28रात
चंद्र03:2804:31रात
शनि04:3105:33रात
गुरु05:3306:35रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय वडोदरा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।