10 फ़रवरी 2025 को वाराणसी का चौघड़िया

सोमवार, 10 फ़रवरी 2025, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 फ़रवरी 2025 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (18:57 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:00 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 08:00 से 09:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:48
रात 06:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 18:57 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:00 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:00शुभ
काल08:00 – 09:24टालें
शुभ09:24 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:12टालें
उद्वेग12:12 – 13:36टालें
चर13:36 – 15:00सामान्य
लाभ15:00 – 16:24शुभ
अमृत16:24 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:48 – 19:24सामान्य
रोग19:24 – 21:00टालें
काल21:00 – 22:36टालें
लाभ22:36 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:47टालें
शुभ01:47 – 03:23शुभ
अमृत03:23 – 04:59शुभ
चर04:59 – 06:35सामान्य

10 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 18:57 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:56, 11 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:34, 11 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 10:26 तक
आयुष्मान 09:05, 11 फ़र॰ तक
करण
कौलव 07:08 तक
तैतिल 18:57 तक
गर 06:53, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 11:56 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
15:40
चंद्रास्त
05:02
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
08:00 – 09:24
यमगंड
10:48 – 12:12
गुलिक काल
13:36 – 15:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:32दिन
शनि07:3208:28दिन
गुरु08:2809:24दिन
मंगल09:2410:20दिन
सूर्य10:2011:16दिन
शुक्र11:1612:12दिन
बुध12:1213:08दिन
चंद्र13:0814:04दिन
शनि14:0415:00दिन
गुरु15:0015:56दिन
मंगल15:5616:52दिन
सूर्य16:5217:48दिन
शुक्र17:4818:52रात
बुध18:5219:56रात
चंद्र19:5621:00रात
शनि21:0022:04रात
गुरु22:0423:08रात
मंगल23:0800:12रात
सूर्य00:1201:16रात
शुक्र01:1602:19रात
बुध02:1903:23रात
चंद्र03:2304:27रात
शनि04:2705:31रात
गुरु05:3106:35रात

अयनांश 24.2078° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।