12 फ़रवरी 2026 को वाराणसी का चौघड़िया

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (12:22 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:42 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:49
रात 06:34 तक
तिथि
दशमी, 12:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:42 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 07:59शुभ
रोग07:59 – 09:23टालें
उद्वेग09:23 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:12सामान्य
लाभ12:12 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:01शुभ
काल15:01 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:25शुभ
चर19:25 – 21:00सामान्य
रोग21:00 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:12टालें
लाभ00:12 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:23टालें
शुभ03:23 – 04:58शुभ
अमृत04:58 – 06:34शुभ

12 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 12:22 तक
कृष्ण एकादशी 14:26, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:12, 13 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 03:05, 13 फ़र॰ तक
वज्रअशुभ 03:23, 14 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:22 तक
बव 01:27, 13 फ़र॰ तक
बालव 14:26, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
02:38
चंद्रास्त
13:01
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:01
यमगंड
06:35 – 07:59
गुलिक काल
09:23 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:31दिन
मंगल07:3108:27दिन
सूर्य08:2709:23दिन
शुक्र09:2310:19दिन
बुध10:1911:16दिन
चंद्र11:1612:12दिन
शनि12:1213:08दिन
गुरु13:0814:04दिन
मंगल14:0415:01दिन
सूर्य15:0115:57दिन
शुक्र15:5716:53दिन
बुध16:5317:49दिन
चंद्र17:4918:53रात
शनि18:5319:57रात
गुरु19:5721:00रात
मंगल21:0022:04रात
सूर्य22:0423:08रात
शुक्र23:0800:12रात
बुध00:1201:15रात
चंद्र01:1502:19रात
शनि02:1903:23रात
गुरु03:2304:26रात
मंगल04:2605:30रात
सूर्य05:3006:34रात

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।