8 फ़रवरी 2027 को वाराणसी का चौघड़िया

सोमवार, 8 फ़रवरी 2027, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 फ़रवरी 2027 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:06, 9 फ़र॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (01:57, 9 फ़र॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:47
रात 06:37 तक
तिथि
द्वितीया, 01:06 तक
तृतीया
नक्षत्र
शतभिषा, 01:57 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:37 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:12टालें
उद्वेग12:12 – 13:36टालें
चर13:36 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:23शुभ
अमृत16:23 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:47 – 19:23सामान्य
रोग19:23 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:35टालें
लाभ22:35 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:24शुभ
अमृत03:24 – 05:00शुभ
चर05:00 – 06:37सामान्य

8 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:06, 9 फ़र॰ तक
शुक्ल तृतीया 02:20, 10 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 01:57, 9 फ़र॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 03:40, 10 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 21:51 तक
शिव 21:43, 9 फ़र॰ तक
करण
बालव 12:20 तक
कौलव 01:06, 9 फ़र॰ तक
तैतिल 13:47, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
07:27
चंद्रास्त
19:19
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:25
यमगंड
10:48 – 12:12
गुलिक काल
13:36 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3707:33दिन
शनि07:3308:29दिन
गुरु08:2909:25दिन
मंगल09:2510:20दिन
सूर्य10:2011:16दिन
शुक्र11:1612:12दिन
बुध12:1213:08दिन
चंद्र13:0814:03दिन
शनि14:0314:59दिन
गुरु14:5915:55दिन
मंगल15:5516:51दिन
सूर्य16:5117:47दिन
शुक्र17:4718:51रात
बुध18:5119:55रात
चंद्र19:5520:59रात
शनि20:5922:03रात
गुरु22:0323:07रात
मंगल23:0700:12रात
सूर्य00:1201:16रात
शुक्र01:1602:20रात
बुध02:2003:24रात
चंद्र03:2404:28रात
शनि04:2805:32रात
गुरु05:3206:37रात

अयनांश 24.2357° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।