21 अगस्त 2027 को वाराणसी का चौघड़िया

शनिवार, 21 अगस्त 2027, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 अगस्त 2027 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (20:05 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (09:39 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:28
रात 05:34 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:05 तक
पंचमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:34 – 07:10टालें
शुभ07:10 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 12:01टालें
चर12:01 – 13:37सामान्य
लाभ13:37 – 15:14शुभ
अमृत15:14 – 16:51शुभ
काल16:51 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:28 – 19:51शुभ
उद्वेग19:51 – 21:14टालें
शुभ21:14 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:01शुभ
चर00:01 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 02:47टालें
काल02:47 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:34शुभ

21 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 20:05 तक
कृष्ण पंचमी 20:46, 22 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:11, 22 अग॰ तक
योग
शूलअशुभ 02:54, 22 अग॰ तक
गंडअशुभ 02:19, 23 अग॰ तक
करण
बव 07:33 तक
बालव 20:05 तक
कौलव 08:29, 22 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
20:32
चंद्रास्त
08:47
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:24
यमगंड
13:37 – 15:14
गुलिक काल
05:34 – 07:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3406:38दिन
गुरु06:3807:43दिन
मंगल07:4308:47दिन
सूर्य08:4709:52दिन
शुक्र09:5210:56दिन
बुध10:5612:01दिन
चंद्र12:0113:05दिन
शनि13:0514:10दिन
गुरु14:1015:14दिन
मंगल15:1416:19दिन
सूर्य16:1917:23दिन
शुक्र17:2318:28दिन
बुध18:2819:23रात
चंद्र19:2320:19रात
शनि20:1921:14रात
गुरु21:1422:10रात
मंगल22:1023:05रात
सूर्य23:0500:01रात
शुक्र00:0100:56रात
बुध00:5601:52रात
चंद्र01:5202:47रात
शनि02:4703:43रात
गुरु03:4304:38रात
मंगल04:3805:34रात

अयनांश 24.2431° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।