6 अप्रैल 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

गुरुवार, 6 अप्रैल 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 अप्रैल 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:52, 7 अप्रैल तक), नक्षत्र मघा (19:27 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 13:34 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 18:16
रात 05:43 तक
तिथि
द्वादशी, 01:52 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 19:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:44 – 07:18शुभ
रोग07:18 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:26टालें
चर10:26 – 12:00सामान्य
लाभ12:00 – 13:34शुभ
अमृत13:34 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:42टालें
शुभ16:42 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:16 – 19:42शुभ
चर19:42 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:34टालें
काल22:34 – 00:00टालें
लाभ00:00 – 01:25शुभ
उद्वेग01:25 – 02:51टालें
शुभ02:51 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:43शुभ

6 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:52, 7 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 22:33, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 19:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी 16:57, 7 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 09:44 तक
गंडअशुभ 06:00, 7 अप्रैल तक
करण
बव 15:27 तक
बालव 01:52, 7 अप्रैल तक
कौलव 12:13, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
15:07
चंद्रास्त
03:13
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
13:34 – 15:08
यमगंड
05:44 – 07:18
गुलिक काल
08:52 – 10:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4406:47दिन
मंगल06:4707:49दिन
सूर्य07:4908:52दिन
शुक्र08:5209:55दिन
बुध09:5510:57दिन
चंद्र10:5712:00दिन
शनि12:0013:03दिन
गुरु13:0314:06दिन
मंगल14:0615:08दिन
सूर्य15:0816:11दिन
शुक्र16:1117:14दिन
बुध17:1418:16दिन
चंद्र18:1619:14रात
शनि19:1420:11रात
गुरु20:1121:08रात
मंगल21:0822:05रात
सूर्य22:0523:02रात
शुक्र23:0200:00रात
बुध00:0000:57रात
चंद्र00:5701:54रात
शनि01:5402:51रात
गुरु02:5103:48रात
मंगल03:4804:46रात
सूर्य04:4605:43रात

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।