21 मई 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

रविवार, 21 मई 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 मई 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (13:19 तक), नक्षत्र रेवती (12:18 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 16:58 से 18:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 18:39
रात 05:10 तक
तिथि
द्वादशी, 13:19 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती, 12:18 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:10 – 06:51टालें
चर06:51 – 08:32सामान्य
लाभ08:32 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:54शुभ
काल11:54 – 13:35टालें
शुभ13:35 – 15:17शुभ
रोग15:17 – 16:58टालें
उद्वेग16:58 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:39 – 19:58शुभ
अमृत19:58 – 21:16शुभ
चर21:16 – 22:35सामान्य
रोग22:35 – 23:54टालें
काल23:54 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:32शुभ
उद्वेग02:32 – 03:51टालें
शुभ03:51 – 05:10शुभ

21 मई 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 13:19 तक
कृष्ण त्रयोदशी 14:02, 22 मई तक
नक्षत्र
रेवती 12:18 तक
अश्विनी 13:41, 22 मई तक
योग
आयुष्मान 18:33 तक
सौभाग्य 18:02, 22 मई तक
करण
तैतिल 13:19 तक
गर 01:45, 22 मई तक
वणिज 14:02, 22 मई तक
चंद्र राशि
मीन 12:18 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
02:42
चंद्रास्त
15:57
दिनमान
13h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:58 – 18:39
यमगंड
11:54 – 13:35
गुलिक काल
15:17 – 16:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1006:17दिन
शुक्र06:1707:25दिन
बुध07:2508:32दिन
चंद्र08:3209:40दिन
शनि09:4010:47दिन
गुरु10:4711:54दिन
मंगल11:5413:02दिन
सूर्य13:0214:09दिन
शुक्र14:0915:17दिन
बुध15:1716:24दिन
चंद्र16:2417:31दिन
शनि17:3118:39दिन
गुरु18:3919:31रात
मंगल19:3120:24रात
सूर्य20:2421:16रात
शुक्र21:1622:09रात
बुध22:0923:02रात
चंद्र23:0223:54रात
शनि23:5400:47रात
गुरु00:4701:39रात
मंगल01:3902:32रात
सूर्य02:3203:25रात
शुक्र03:2504:17रात
बुध04:1705:10रात

अयनांश 24.2536° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।