17 जून 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

शनिवार, 17 जून 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जून 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (02:27, 18 जून तक), नक्षत्र रेवती (20:49 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 08:33 से 10:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 18:50
रात 05:07 तक
तिथि
दशमी, 02:27 तक
एकादशी
नक्षत्र
रेवती, 20:49 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:07 – 06:50टालें
शुभ06:50 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 10:16टालें
उद्वेग10:16 – 11:59टालें
चर11:59 – 13:41सामान्य
लाभ13:41 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:50 – 20:07शुभ
उद्वेग20:07 – 21:24टालें
शुभ21:24 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 23:59शुभ
चर23:59 – 01:16सामान्य
रोग01:16 – 02:33टालें
काल02:33 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:07शुभ

17 जून 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 02:27, 18 जून तक
कृष्ण एकादशी 03:15, 19 जून तक
नक्षत्र
रेवती 20:49 तक
अश्विनी 22:24, 18 जून तक
योग
शोभन 03:58, 18 जून तक
अतिगंडअशुभ 03:36, 19 जून तक
करण
वणिज 13:49 तक
विष्टि (भद्रा) 02:27, 18 जून तक
बव 14:56, 18 जून तक
चंद्र राशि
मीन 20:49 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
00:39
चंद्रास्त
13:46
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
08:33 – 10:16
यमगंड
13:41 – 15:24
गुलिक काल
05:07 – 06:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0706:16दिन
गुरु06:1607:24दिन
मंगल07:2408:33दिन
सूर्य08:3309:41दिन
शुक्र09:4110:50दिन
बुध10:5011:59दिन
चंद्र11:5913:07दिन
शनि13:0714:16दिन
गुरु14:1615:24दिन
मंगल15:2416:33दिन
सूर्य16:3317:41दिन
शुक्र17:4118:50दिन
बुध18:5019:41रात
चंद्र19:4120:33रात
शनि20:3321:24रात
गुरु21:2422:16रात
मंगल22:1623:07रात
सूर्य23:0723:59रात
शुक्र23:5900:50रात
बुध00:5001:42रात
चंद्र01:4202:33रात
शनि02:3303:25रात
गुरु03:2504:16रात
मंगल04:1605:07रात

अयनांश 24.2546° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।