21 जुलाई 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 जुलाई 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 जुलाई 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:18 तक), नक्षत्र आर्द्रा (06:43 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 10:23 से 12:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 18:48
रात 05:20 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:18 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:50 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:20 – 07:01सामान्य
लाभ07:01 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:23शुभ
काल10:23 – 12:04टालें
शुभ12:04 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 17:07टालें
चर17:07 – 18:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:48 – 20:07टालें
काल20:07 – 21:26टालें
लाभ21:26 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:04टालें
शुभ00:04 – 01:23शुभ
अमृत01:23 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:01सामान्य
रोग04:01 – 05:20टालें

21 जुलाई 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक
अमावस्या 08:31, 22 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:50, 22 जुल॰ तक
पुष्य 02:35, 23 जुल॰ तक
योग
हर्षण 01:35, 22 जुल॰ तक
वज्रअशुभ 22:03, 22 जुल॰ तक
करण
शकुनि 11:18 तक
चतुष्पद 21:57 तक
नाग 08:31, 22 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 23:20 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
04:09
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
13h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 12:04
यमगंड
15:26 – 17:07
गुलिक काल
07:01 – 08:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2006:27दिन
बुध06:2707:34दिन
चंद्र07:3408:42दिन
शनि08:4209:49दिन
गुरु09:4910:57दिन
मंगल10:5712:04दिन
सूर्य12:0413:11दिन
शुक्र13:1114:19दिन
बुध14:1915:26दिन
चंद्र15:2616:34दिन
शनि16:3417:41दिन
गुरु17:4118:48दिन
मंगल18:4819:41रात
सूर्य19:4120:34रात
शुक्र20:3421:26रात
बुध21:2622:19रात
चंद्र22:1923:12रात
शनि23:1200:04रात
गुरु00:0400:57रात
मंगल00:5701:49रात
सूर्य01:4902:42रात
शुक्र02:4203:35रात
बुध03:3504:27रात
चंद्र04:2705:20रात

अयनांश 24.2559° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।