6 सितंबर 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

बुधवार, 6 सितंबर 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 सितंबर 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:09 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:49 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 11:56 से 13:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:11
रात 05:41 तक
तिथि
द्वितीया, 10:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:49 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:40 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:48शुभ
काल08:48 – 10:22टालें
शुभ10:22 – 11:56शुभ
रोग11:56 – 13:30टालें
उद्वेग13:30 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:11 – 19:37टालें
शुभ19:37 – 21:03शुभ
अमृत21:03 – 22:30शुभ
चर22:30 – 23:56सामान्य
रोग23:56 – 01:22टालें
काल01:22 – 02:48टालें
लाभ02:48 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:41टालें

6 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:09 तक
कृष्ण तृतीया 12:26, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 18:36, 7 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 04:04, 7 सित॰ तक
वृद्धि 04:46, 8 सित॰ तक
करण
गर 10:09 तक
वणिज 23:19 तक
विष्टि (भद्रा) 12:26, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
19:13
चंद्रास्त
07:25
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:56 – 13:30
यमगंड
07:14 – 08:48
गुलिक काल
10:22 – 11:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4006:43दिन
चंद्र06:4307:45दिन
शनि07:4508:48दिन
गुरु08:4809:51दिन
मंगल09:5110:53दिन
सूर्य10:5311:56दिन
शुक्र11:5612:58दिन
बुध12:5814:01दिन
चंद्र14:0115:03दिन
शनि15:0316:06दिन
गुरु16:0617:09दिन
मंगल17:0918:11दिन
सूर्य18:1119:09रात
शुक्र19:0920:06रात
बुध20:0621:03रात
चंद्र21:0322:01रात
शनि22:0122:58रात
गुरु22:5823:56रात
मंगल23:5600:53रात
सूर्य00:5301:51रात
शुक्र01:5102:48रात
बुध02:4803:46रात
चंद्र03:4604:43रात
शनि04:4305:41रात

अयनांश 24.2577° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।