10 दिसंबर 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

रविवार, 10 दिसंबर 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 10 दिसंबर 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (19:52 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (15:10 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 15:49 से 17:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:08
रात 06:33 तक
तिथि
नवमी, 19:52 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 15:10 तक
हस्त
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:33 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:31शुभ
अमृत10:31 – 11:50शुभ
काल11:50 – 13:10टालें
शुभ13:10 – 14:29शुभ
रोग14:29 – 15:49टालें
उद्वेग15:49 – 17:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:08 – 18:49शुभ
अमृत18:49 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:51टालें
काल23:51 – 01:31टालें
लाभ01:31 – 03:12शुभ
उद्वेग03:12 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:33शुभ

10 दिसंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 19:52 तक
कृष्ण दशमी 17:33, 11 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:34, 11 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 23:39 तक
सौभाग्य 20:32, 11 दिस॰ तक
करण
तैतिल 09:00 तक
गर 19:52 तक
वणिज 06:43, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
00:23
चंद्रास्त
12:29
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
15:49 – 17:08
यमगंड
11:50 – 13:10
गुलिक काल
14:29 – 15:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3307:26दिन
शुक्र07:2608:18दिन
बुध08:1809:11दिन
चंद्र09:1110:04दिन
शनि10:0410:57दिन
गुरु10:5711:50दिन
मंगल11:5012:43दिन
सूर्य12:4313:36दिन
शुक्र13:3614:29दिन
बुध14:2915:22दिन
चंद्र15:2216:15दिन
शनि16:1517:08दिन
गुरु17:0818:15रात
मंगल18:1519:23रात
सूर्य19:2320:30रात
शुक्र20:3021:37रात
बुध21:3722:44रात
चंद्र22:4423:51रात
शनि23:5100:58रात
गुरु00:5802:05रात
मंगल02:0503:12रात
सूर्य03:1204:19रात
शुक्र04:1905:26रात
बुध05:2606:33रात

अयनांश 24.2613° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।