29 जनवरी 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

सोमवार, 29 जनवरी 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 जनवरी 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:53 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:42 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 08:04 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:40
रात 06:41 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:53 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:42 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:42 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:33टालें
चर13:33 – 14:55सामान्य
लाभ14:55 – 16:18शुभ
अमृत16:18 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:40 – 19:17सामान्य
रोग19:17 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 00:11शुभ
उद्वेग00:11 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:26शुभ
अमृत03:26 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:41सामान्य

29 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:53 तक
पूर्णिमा 11:33, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 12:03, 30 जन॰ तक
योग
प्रीति 02:06, 30 जन॰ तक
आयुष्मान 22:47, 30 जन॰ तक
करण
वणिज 13:53 तक
विष्टि (भद्रा) 00:47, 30 जन॰ तक
बव 11:33, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:02 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
16:50
चंद्रास्त
05:42
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
08:04 – 09:26
यमगंड
10:49 – 12:11
गुलिक काल
13:33 – 14:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4207:37दिन
शनि07:3708:32दिन
गुरु08:3209:26दिन
मंगल09:2610:21दिन
सूर्य10:2111:16दिन
शुक्र11:1612:11दिन
बुध12:1113:06दिन
चंद्र13:0614:00दिन
शनि14:0014:55दिन
गुरु14:5515:50दिन
मंगल15:5016:45दिन
सूर्य16:4517:40दिन
शुक्र17:4018:45रात
बुध18:4519:50रात
चंद्र19:5020:55रात
शनि20:5522:00रात
गुरु22:0023:05रात
मंगल23:0500:11रात
सूर्य00:1101:16रात
शुक्र01:1602:21रात
बुध02:2103:26रात
चंद्र03:2604:31रात
शनि04:3105:36रात
गुरु05:3606:41रात

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।