23 मई 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

बुधवार, 23 मई 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 मई 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (16:09 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (18:55 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:40
रात 05:09 तक
तिथि
दशमी, 16:09 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 18:55 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:09 – 06:51शुभ
अमृत06:51 – 08:32शुभ
काल08:32 – 10:13टालें
शुभ10:13 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 15:17टालें
चर15:17 – 16:58सामान्य
लाभ16:58 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:40 – 19:58टालें
शुभ19:58 – 21:17शुभ
अमृत21:17 – 22:36शुभ
चर22:36 – 23:54सामान्य
रोग23:54 – 01:13टालें
काल01:13 – 02:32टालें
लाभ02:32 – 03:50शुभ
उद्वेग03:50 – 05:09टालें

23 मई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 16:09 तक
शुक्ल एकादशी 13:10, 24 मई तक
नक्षत्र
हस्त 16:42, 24 मई तक
योग
वज्रअशुभ 21:20 तक
सिद्धि 17:45, 24 मई तक
करण
तैतिल 05:31 तक
गर 16:09 तक
वणिज 02:42, 24 मई तक
विष्टि (भद्रा) 13:10, 24 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
14:00
चंद्रास्त
01:19
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:36
यमगंड
06:51 – 08:32
गुलिक काल
10:13 – 11:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0906:17दिन
चंद्र06:1707:24दिन
शनि07:2408:32दिन
गुरु08:3209:39दिन
मंगल09:3910:47दिन
सूर्य10:4711:54दिन
शुक्र11:5413:02दिन
बुध13:0214:10दिन
चंद्र14:1015:17दिन
शनि15:1716:25दिन
गुरु16:2517:32दिन
मंगल17:3218:40दिन
सूर्य18:4019:32रात
शुक्र19:3220:24रात
बुध20:2421:17रात
चंद्र21:1722:09रात
शनि22:0923:02रात
गुरु23:0223:54रात
मंगल23:5400:47रात
सूर्य00:4701:39रात
शुक्र01:3902:32रात
बुध02:3203:24रात
चंद्र03:2404:17रात
शनि04:1705:09रात

अयनांश 24.2676° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।