9 सितंबर 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

रविवार, 9 सितंबर 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 सितंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:57 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (21:34 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 16:35 से 18:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:08
रात 05:42 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:57 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 21:34 तक
हस्त
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:41 – 07:15टालें
चर07:15 – 08:48सामान्य
लाभ08:48 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 11:55शुभ
काल11:55 – 13:28टालें
शुभ13:28 – 15:01शुभ
रोग15:01 – 16:35टालें
उद्वेग16:35 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:08 – 19:35शुभ
अमृत19:35 – 21:02शुभ
चर21:02 – 22:28सामान्य
रोग22:28 – 23:55टालें
काल23:55 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:48शुभ
उद्वेग02:48 – 04:15टालें
शुभ04:15 – 05:42शुभ

9 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:57 तक
शुक्ल द्वितीया 09:32, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:56, 10 सित॰ तक
योग
साध्य 07:00 तक
शुभ 03:06, 10 सित॰ तक
शुक्ल 23:11, 10 सित॰ तक
करण
बव 12:57 तक
बालव 23:15 तक
कौलव 09:32, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
06:23
चंद्रास्त
18:32
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:35 – 18:08
यमगंड
11:55 – 13:28
गुलिक काल
15:01 – 16:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4106:44दिन
शुक्र06:4407:46दिन
बुध07:4608:48दिन
चंद्र08:4809:50दिन
शनि09:5010:52दिन
गुरु10:5211:55दिन
मंगल11:5512:57दिन
सूर्य12:5713:59दिन
शुक्र13:5915:01दिन
बुध15:0116:04दिन
चंद्र16:0417:06दिन
शनि17:0618:08दिन
गुरु18:0819:06रात
मंगल19:0620:04रात
सूर्य20:0421:02रात
शुक्र21:0221:59रात
बुध21:5922:57रात
चंद्र22:5723:55रात
शनि23:5500:53रात
गुरु00:5301:50रात
मंगल01:5002:48रात
सूर्य02:4803:46रात
शुक्र03:4604:44रात
बुध04:4405:42रात

अयनांश 24.2718° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।