9 मार्च 2025 को वेल्लोर का चौघड़िया

रविवार, 9 मार्च 2025, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 9 मार्च 2025 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:45 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (23:55 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:53 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:23
रात 06:24 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 23:55 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:24 – 07:54टालें
चर07:54 – 09:24सामान्य
लाभ09:24 – 10:54शुभ
अमृत10:54 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 16:53टालें
उद्वेग16:53 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:53शुभ
अमृत19:53 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 04:54टालें
शुभ04:54 – 06:24शुभ

9 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:45 तक
शुक्ल एकादशी 07:45, 10 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 00:51, 11 मार्च तक
योग
सौभाग्य 14:58 तक
शोभन 13:56, 10 मार्च तक
करण
गर 07:45 तक
वणिज 19:41 तक
विष्टि (भद्रा) 07:45, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 17:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
02:45
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
16:53 – 18:23
यमगंड
12:24 – 13:53
गुलिक काल
15:23 – 16:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2407:24दिन
शुक्र07:2408:24दिन
बुध08:2409:24दिन
चंद्र09:2410:24दिन
शनि10:2411:24दिन
गुरु11:2412:24दिन
मंगल12:2413:23दिन
सूर्य13:2314:23दिन
शुक्र14:2315:23दिन
बुध15:2316:23दिन
चंद्र16:2317:23दिन
शनि17:2318:23दिन
गुरु18:2319:23रात
मंगल19:2320:23रात
सूर्य20:2321:23रात
शुक्र21:2322:23रात
बुध22:2323:23रात
चंद्र23:2300:23रात
शनि00:2301:23रात
गुरु01:2302:23रात
मंगल02:2303:23रात
सूर्य03:2304:23रात
शुक्र04:2305:24रात
बुध05:2406:24रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।