18 अक्टूबर 2027 को वेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 18 अक्टूबर 2027, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:52 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:48 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 07:32 से 09:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 17:53
रात 06:04 तक
तिथि
तृतीया, 17:52 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:48 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:04 – 07:32शुभ
काल07:32 – 09:01टालें
शुभ09:01 – 10:29शुभ
रोग10:29 – 11:58टालें
उद्वेग11:58 – 13:27टालें
चर13:27 – 14:55सामान्य
लाभ14:55 – 16:24शुभ
अमृत16:24 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:53 – 19:24सामान्य
रोग19:24 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:27टालें
लाभ22:27 – 23:58शुभ
उद्वेग23:58 – 01:30टालें
शुभ01:30 – 03:01शुभ
अमृत03:01 – 04:32शुभ
चर04:32 – 06:04सामान्य

18 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:52 तक
कृष्ण चतुर्थी 16:42, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 23:15, 19 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 11:17 तक
व्यतीपातअशुभ 09:17, 19 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 06:20 तक
विष्टि (भद्रा) 17:52 तक
बव 05:19, 19 अक्टू॰ तक
बालव 16:42, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
19:57
चंद्रास्त
08:18
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
07:32 – 09:01
यमगंड
10:29 – 11:58
गुलिक काल
13:27 – 14:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0407:03दिन
शनि07:0308:02दिन
गुरु08:0209:01दिन
मंगल09:0110:00दिन
सूर्य10:0010:59दिन
शुक्र10:5911:58दिन
बुध11:5812:57दिन
चंद्र12:5713:56दिन
शनि13:5614:55दिन
गुरु14:5515:54दिन
मंगल15:5416:54दिन
सूर्य16:5417:53दिन
शुक्र17:5318:54रात
बुध18:5419:55रात
चंद्र19:5520:55रात
शनि20:5521:56रात
गुरु21:5622:57रात
मंगल22:5723:58रात
सूर्य23:5800:59रात
शुक्र00:5902:00रात
बुध02:0003:01रात
चंद्र03:0104:02रात
शनि04:0205:03रात
गुरु05:0306:04रात

अयनांश 24.2453° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।