7 जनवरी 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 7 जनवरी 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 जनवरी 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (16:27 तक), नक्षत्र रेवती (17:50 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 15:02 से 16:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:40
रात 07:10 तक
तिथि
अष्टमी, 16:27 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 17:50 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:10 – 08:29टालें
उद्वेग08:29 – 09:48टालें
चर09:48 – 11:06सामान्य
लाभ11:06 – 12:25शुभ
अमृत12:25 – 13:44शुभ
काल13:44 – 15:02टालें
शुभ15:02 – 16:21शुभ
रोग16:21 – 17:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:40 – 19:21टालें
लाभ19:21 – 21:02शुभ
उद्वेग21:02 – 22:44टालें
शुभ22:44 – 00:25शुभ
अमृत00:25 – 02:06शुभ
चर02:06 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:29टालें
काल05:29 – 07:10टालें

7 जनवरी 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 16:27 तक
शुक्ल नवमी 14:26, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:50 तक
अश्विनी 16:29, 8 जन॰ तक
योग
शिव 23:15 तक
सिद्ध 20:23, 8 जन॰ तक
करण
बव 16:27 तक
बालव 03:27, 8 जन॰ तक
कौलव 14:26, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 17:50 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
12:05
चंद्रास्त
00:15
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:02 – 16:21
यमगंड
09:48 – 11:06
गुलिक काल
12:25 – 13:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1008:03दिन
सूर्य08:0308:55दिन
शुक्र08:5509:48दिन
बुध09:4810:40दिन
चंद्र10:4011:33दिन
शनि11:3312:25दिन
गुरु12:2513:18दिन
मंगल13:1814:10दिन
सूर्य14:1015:02दिन
शुक्र15:0215:55दिन
बुध15:5516:47दिन
चंद्र16:4717:40दिन
शनि17:4018:47रात
गुरु18:4719:55रात
मंगल19:5521:02रात
सूर्य21:0222:10रात
शुक्र22:1023:18रात
बुध23:1800:25रात
चंद्र00:2501:33रात
शनि01:3302:40रात
गुरु02:4003:48रात
मंगल03:4804:55रात
सूर्य04:5506:03रात
शुक्र06:0307:10रात

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।