24 फ़रवरी 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 24 फ़रवरी 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 फ़रवरी 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:45 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:59 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:16
रात 06:47 तक
तिथि
एकादशी, 13:45 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:59 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:48 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:40टालें
शुभ09:40 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:24सामान्य
लाभ15:24 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:16 – 19:50सामान्य
रोग19:50 – 21:24टालें
काल21:24 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:47सामान्य

24 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:45 तक
कृष्ण द्वादशी 12:47, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 18:30, 25 फ़र॰ तक
योग
सिद्धि 10:05 तक
व्यतीपातअशुभ 08:14, 25 फ़र॰ तक
करण
बालव 13:45 तक
कौलव 01:22, 25 फ़र॰ तक
तैतिल 12:47, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:56, 25 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
04:04
चंद्रास्त
14:20
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:40
यमगंड
11:06 – 12:32
गुलिक काल
13:58 – 15:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4807:45दिन
शनि07:4508:43दिन
गुरु08:4309:40दिन
मंगल09:4010:37दिन
सूर्य10:3711:35दिन
शुक्र11:3512:32दिन
बुध12:3213:29दिन
चंद्र13:2914:27दिन
शनि14:2715:24दिन
गुरु15:2416:21दिन
मंगल16:2117:19दिन
सूर्य17:1918:16दिन
शुक्र18:1619:19रात
बुध19:1920:21रात
चंद्र20:2121:24रात
शनि21:2422:26रात
गुरु22:2623:29रात
मंगल23:2900:32रात
सूर्य00:3201:34रात
शुक्र01:3402:37रात
बुध02:3703:39रात
चंद्र03:3904:42रात
शनि04:4205:44रात
गुरु05:4406:47रात

अयनांश 24.2084° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।