7 मार्च 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 मार्च 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 मार्च 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (09:19 तक), नक्षत्र मृगशिरा (23:32 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:23
रात 06:36 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 23:32 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:37 – 08:05सामान्य
लाभ08:05 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:30टालें
शुभ12:30 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 16:55टालें
चर16:55 – 18:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:23 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:26टालें
लाभ21:26 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 02:01शुभ
अमृत02:01 – 03:33शुभ
चर03:33 – 05:04सामान्य
रोग05:04 – 06:36टालें

7 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 09:19 तक
शुक्ल नवमी 08:17, 8 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 23:28, 8 मार्च तक
योग
प्रीति 18:14 तक
आयुष्मान 16:24, 8 मार्च तक
करण
बव 09:19 तक
बालव 20:44 तक
कौलव 08:17, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 11:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
11:46
चंद्रास्त
01:31
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:30
यमगंड
15:26 – 16:55
गुलिक काल
08:05 – 09:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3707:36दिन
बुध07:3608:35दिन
चंद्र08:3509:33दिन
शनि09:3310:32दिन
गुरु10:3211:31दिन
मंगल11:3112:30दिन
सूर्य12:3013:29दिन
शुक्र13:2914:28दिन
बुध14:2815:26दिन
चंद्र15:2616:25दिन
शनि16:2517:24दिन
गुरु17:2418:23दिन
मंगल18:2319:24रात
सूर्य19:2420:25रात
शुक्र20:2521:26रात
बुध21:2622:27रात
चंद्र22:2723:28रात
शनि23:2800:29रात
गुरु00:2901:30रात
मंगल01:3002:32रात
सूर्य02:3203:33रात
शुक्र03:3304:34रात
बुध04:3405:35रात
चंद्र05:3506:36रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।