14 मार्च 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 मार्च 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (12:24 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:54, 15 मार्च तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 10:58 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:27
रात 06:28 तक
तिथि
पूर्णिमा, 12:24 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:29शुभ
अमृत09:29 – 10:58शुभ
काल10:58 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:57टालें
चर16:57 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 19:57टालें
काल19:57 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 01:58शुभ
अमृत01:58 – 03:28शुभ
चर03:28 – 04:58सामान्य
रोग04:58 – 06:28टालें

14 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 12:24 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:33, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 08:54, 15 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 13:23 तक
गंडअशुभ 13:59, 15 मार्च तक
करण
बव 12:24 तक
बालव 01:26, 15 मार्च तक
कौलव 14:33, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 12:56 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
18:36
चंद्रास्त
06:27
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
10:58 – 12:28
यमगंड
15:27 – 16:57
गुलिक काल
07:59 – 09:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:29दिन
बुध07:2908:29दिन
चंद्र08:2909:29दिन
शनि09:2910:29दिन
गुरु10:2911:28दिन
मंगल11:2812:28दिन
सूर्य12:2813:28दिन
शुक्र13:2814:28दिन
बुध14:2815:27दिन
चंद्र15:2716:27दिन
शनि16:2717:27दिन
गुरु17:2718:27दिन
मंगल18:2719:27रात
सूर्य19:2720:27रात
शुक्र20:2721:27रात
बुध21:2722:27रात
चंद्र22:2723:27रात
शनि23:2700:28रात
गुरु00:2801:28रात
मंगल01:2802:28रात
सूर्य02:2803:28रात
शुक्र03:2804:28रात
बुध04:2805:28रात
चंद्र05:2806:28रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।