15 मार्च 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 15 मार्च 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 15 मार्च 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:33 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:54 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 09:28 से 10:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:27
रात 06:27 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:33 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:28 – 07:58टालें
शुभ07:58 – 09:28शुभ
रोग09:28 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:28टालें
चर12:28 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:28शुभ
अमृत15:28 – 16:57शुभ
काल16:57 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:27 – 19:57शुभ
उद्वेग19:57 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 22:57शुभ
अमृत22:57 – 00:27शुभ
चर00:27 – 01:57सामान्य
रोग01:57 – 03:27टालें
काल03:27 – 04:57टालें
लाभ04:57 – 06:27शुभ

15 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:33 तक
कृष्ण द्वितीया 16:58, 16 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 11:45, 16 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 13:59 तक
वृद्धि 14:48, 16 मार्च तक
करण
कौलव 14:33 तक
तैतिल 03:44, 16 मार्च तक
गर 16:58, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
19:28
चंद्रास्त
06:54
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
09:28 – 10:58
यमगंड
13:58 – 15:28
गुलिक काल
06:28 – 07:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2807:28दिन
गुरु07:2808:28दिन
मंगल08:2809:28दिन
सूर्य09:2810:28दिन
शुक्र10:2811:28दिन
बुध11:2812:28दिन
चंद्र12:2813:28दिन
शनि13:2814:28दिन
गुरु14:2815:28दिन
मंगल15:2816:27दिन
सूर्य16:2717:27दिन
शुक्र17:2718:27दिन
बुध18:2719:27रात
चंद्र19:2720:27रात
शनि20:2721:27रात
गुरु21:2722:27रात
मंगल22:2723:27रात
सूर्य23:2700:27रात
शुक्र00:2701:27रात
बुध01:2702:27रात
चंद्र02:2703:27रात
शनि03:2704:27रात
गुरु04:2705:27रात
मंगल05:2706:27रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।