11 सितंबर 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 11 सितंबर 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 सितंबर 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:46 तक), नक्षत्र अश्विनी (13:58 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 13:48 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:28
रात 06:03 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:46 तक
पंचमी
नक्षत्र
अश्विनी, 13:58 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 09:09टालें
उद्वेग09:09 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:48शुभ
अमृत13:48 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:55टालें
शुभ16:55 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:28 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:49टालें
काल22:49 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:09टालें
शुभ03:09 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:03शुभ

11 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:46 तक
कृष्ण पंचमी 09:59, 12 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 11:58, 12 सित॰ तक
योग
ध्रुव 17:04 तक
व्याघातअशुभ 13:43, 12 सित॰ तक
करण
बालव 12:46 तक
कौलव 23:21 तक
तैतिल 09:59, 12 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
20:45
चंद्रास्त
09:38
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:48 – 15:22
यमगंड
06:02 – 07:35
गुलिक काल
09:09 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:04दिन
मंगल07:0408:06दिन
सूर्य08:0609:09दिन
शुक्र09:0910:11दिन
बुध10:1111:13दिन
चंद्र11:1312:15दिन
शनि12:1513:17दिन
गुरु13:1714:19दिन
मंगल14:1915:22दिन
सूर्य15:2216:24दिन
शुक्र16:2417:26दिन
बुध17:2618:28दिन
चंद्र18:2819:26रात
शनि19:2620:24रात
गुरु20:2421:22रात
मंगल21:2222:20रात
सूर्य22:2023:17रात
शुक्र23:1700:15रात
बुध00:1501:13रात
चंद्र01:1302:11रात
शनि02:1103:09रात
गुरु03:0904:07रात
मंगल04:0705:05रात
सूर्य05:0506:03रात

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।