2 जनवरी 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:53 तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:04 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 11:04 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 17:36
रात 07:10 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:53 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:09 – 08:28सामान्य
लाभ08:28 – 09:46शुभ
अमृत09:46 – 11:04शुभ
काल11:04 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 14:59टालें
उद्वेग14:59 – 16:18टालें
चर16:18 – 17:36सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:36 – 19:18टालें
काल19:18 – 20:59टालें
लाभ20:59 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:23टालें
शुभ00:23 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:46शुभ
चर03:46 – 05:28सामान्य
रोग05:28 – 07:10टालें

2 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:53 तक
पूर्णिमा 15:32, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 17:28, 3 जन॰ तक
योग
शुक्ल 13:07 तक
ब्रह्म 09:05, 3 जन॰ तक
करण
गर 08:38 तक
वणिज 18:53 तक
विष्टि (भद्रा) 05:11, 3 जन॰ तक
बव 15:32, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 09:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
16:19
चंद्रास्त
06:00
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
11:04 – 12:23
यमगंड
14:59 – 16:18
गुलिक काल
08:28 – 09:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0908:02दिन
बुध08:0208:54दिन
चंद्र08:5409:46दिन
शनि09:4610:38दिन
गुरु10:3811:30दिन
मंगल11:3012:23दिन
सूर्य12:2313:15दिन
शुक्र13:1514:07दिन
बुध14:0714:59दिन
चंद्र14:5915:52दिन
शनि15:5216:44दिन
गुरु16:4417:36दिन
मंगल17:3618:44रात
सूर्य18:4419:52रात
शुक्र19:5220:59रात
बुध20:5922:07रात
चंद्र22:0723:15रात
शनि23:1500:23रात
गुरु00:2301:31रात
मंगल01:3102:38रात
सूर्य02:3803:46रात
शुक्र03:4604:54रात
बुध04:5406:02रात
चंद्र06:0207:10रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।