19 जनवरी 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 19 जनवरी 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 जनवरी 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (02:14, 20 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (11:52 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:49
रात 07:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:14 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 11:52 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:10 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:50टालें
शुभ09:50 – 11:10शुभ
रोग11:10 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:09सामान्य
लाभ15:09 – 16:29शुभ
अमृत16:29 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:49 – 19:29सामान्य
रोग19:29 – 21:09टालें
काल21:09 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:50शुभ
अमृत03:50 – 05:30शुभ
चर05:30 – 07:10सामान्य

19 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 02:14, 20 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 02:43, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:07, 20 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:45 तक
सिद्धि 20:01, 20 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 13:51 तक
बव 02:14, 20 जन॰ तक
बालव 14:31, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
07:36
चंद्रास्त
18:19
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:50
यमगंड
11:10 – 12:29
गुलिक काल
13:49 – 15:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1008:03दिन
शनि08:0308:56दिन
गुरु08:5609:50दिन
मंगल09:5010:43दिन
सूर्य10:4311:36दिन
शुक्र11:3612:29दिन
बुध12:2913:23दिन
चंद्र13:2314:16दिन
शनि14:1615:09दिन
गुरु15:0916:03दिन
मंगल16:0316:56दिन
सूर्य16:5617:49दिन
शुक्र17:4918:56रात
बुध18:5620:02रात
चंद्र20:0221:09रात
शनि21:0922:16रात
गुरु22:1623:23रात
मंगल23:2300:29रात
सूर्य00:2901:36रात
शुक्र01:3602:43रात
बुध02:4303:50रात
चंद्र03:5004:56रात
शनि04:5606:03रात
गुरु06:0307:10रात

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।