25 जनवरी 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

रविवार, 25 जनवरी 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 जनवरी 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (23:10 तक), नक्षत्र रेवती (13:35 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 16:33 से 17:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 17:54
रात 07:08 तक
तिथि
सप्तमी, 23:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती, 13:35 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:08 – 08:29टालें
चर08:29 – 09:50सामान्य
लाभ09:50 – 11:10शुभ
अमृत11:10 – 12:31शुभ
काल12:31 – 13:52टालें
शुभ13:52 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:33टालें
उद्वेग16:33 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:54 – 19:33शुभ
अमृत19:33 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:52सामान्य
रोग22:52 – 00:31टालें
काल00:31 – 02:10टालें
लाभ02:10 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:29टालें
शुभ05:29 – 07:08शुभ

25 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 23:10 तक
शुक्ल अष्टमी 21:18, 26 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:35 तक
अश्विनी 12:33, 26 जन॰ तक
योग
सिद्ध 11:45 तक
साध्य 09:11, 26 जन॰ तक
करण
गर 11:58 तक
वणिज 23:10 तक
विष्टि (भद्रा) 10:17, 26 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 13:35 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
10:54
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
16:33 – 17:54
यमगंड
12:31 – 13:52
गुलिक काल
15:12 – 16:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0808:02दिन
शुक्र08:0208:56दिन
बुध08:5609:50दिन
चंद्र09:5010:43दिन
शनि10:4311:37दिन
गुरु11:3712:31दिन
मंगल12:3113:25दिन
सूर्य13:2514:19दिन
शुक्र14:1915:12दिन
बुध15:1216:06दिन
चंद्र16:0617:00दिन
शनि17:0017:54दिन
गुरु17:5419:00रात
मंगल19:0020:06रात
सूर्य20:0621:12रात
शुक्र21:1222:19रात
बुध22:1923:25रात
चंद्र23:2500:31रात
शनि00:3101:37रात
गुरु01:3702:43रात
मंगल02:4303:49रात
सूर्य03:4904:56रात
शुक्र04:5606:02रात
बुध06:0207:08रात

अयनांश 24.2212° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।