17 मार्च 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 17 मार्च 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 17 मार्च 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (09:23 तक), नक्षत्र शतभिषा (06:09, 18 मार्च तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 15:28 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:28
रात 06:25 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 06:09 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:26 – 07:57टालें
उद्वेग07:57 – 09:27टालें
चर09:27 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 13:58शुभ
काल13:58 – 15:28टालें
शुभ15:28 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:28 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:27शुभ
उद्वेग21:27 – 22:57टालें
शुभ22:57 – 00:27शुभ
अमृत00:27 – 01:56शुभ
चर01:56 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 04:56टालें
काल04:56 – 06:25टालें

17 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 09:23 तक
कृष्ण चतुर्दशी 08:25, 18 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:09, 18 मार्च तक
पूर्वा भाद्रपद 05:21, 19 मार्च तक
योग
सिद्ध 08:15 तक
साध्य 06:22, 18 मार्च तक
शुभ 04:01, 19 मार्च तक
करण
वणिज 09:23 तक
विष्टि (भद्रा) 20:59 तक
शकुनि 08:25, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
05:17
चंद्रास्त
16:53
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:28 – 16:58
यमगंड
09:27 – 10:57
गुलिक काल
12:27 – 13:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2607:27दिन
सूर्य07:2708:27दिन
शुक्र08:2709:27दिन
बुध09:2710:27दिन
चंद्र10:2711:27दिन
शनि11:2712:27दिन
गुरु12:2713:27दिन
मंगल13:2714:28दिन
सूर्य14:2815:28दिन
शुक्र15:2816:28दिन
बुध16:2817:28दिन
चंद्र17:2818:28दिन
शनि18:2819:28रात
गुरु19:2820:28रात
मंगल20:2821:27रात
सूर्य21:2722:27रात
शुक्र22:2723:27रात
बुध23:2700:27रात
चंद्र00:2701:26रात
शनि01:2602:26रात
गुरु02:2603:26रात
मंगल03:2604:26रात
सूर्य04:2605:25रात
शुक्र05:2506:25रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।