20 अक्टूबर 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (12:50 तक), नक्षत्र श्रवण (18:02 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:45
रात 06:22 तक
तिथि
नवमी, 12:50 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:02 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:22 – 07:47टालें
उद्वेग07:47 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:38सामान्य
लाभ10:38 – 12:03शुभ
अमृत12:03 – 13:29शुभ
काल13:29 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:20शुभ
रोग16:20 – 17:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:45 – 19:20टालें
लाभ19:20 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:29टालें
शुभ22:29 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:22टालें

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 12:50 तक
शुक्ल दशमी 14:12, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:02 तक
धनिष्ठा 19:48, 21 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 00:50, 21 अक्टू॰ तक
गंडअशुभ 00:33, 22 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 12:50 तक
तैतिल 01:36, 21 अक्टू॰ तक
गर 14:12, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
14:15
चंद्रास्त
00:28
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:20
यमगंड
09:12 – 10:38
गुलिक काल
12:03 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2207:18दिन
सूर्य07:1808:15दिन
शुक्र08:1509:12दिन
बुध09:1210:09दिन
चंद्र10:0911:06दिन
शनि11:0612:03दिन
गुरु12:0313:00दिन
मंगल13:0013:57दिन
सूर्य13:5714:54दिन
शुक्र14:5415:51दिन
बुध15:5116:48दिन
चंद्र16:4817:45दिन
शनि17:4518:48रात
गुरु18:4819:51रात
मंगल19:5120:54रात
सूर्य20:5421:58रात
शुक्र21:5823:01रात
बुध23:0100:04रात
चंद्र00:0401:07रात
शनि01:0702:10रात
गुरु02:1003:13रात
मंगल03:1304:16रात
सूर्य04:1605:19रात
शुक्र05:1906:22रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।