8 नवंबर 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

रविवार, 8 नवंबर 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:28 तक), नक्षत्र स्वाति (07:24, 9 नव॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 16:08 से 17:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:30
रात 06:35 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:28 तक
अमावस्या
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:34 – 07:56टालें
चर07:56 – 09:18सामान्य
लाभ09:18 – 10:40शुभ
अमृत10:40 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:24टालें
शुभ13:24 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:08टालें
उद्वेग16:08 – 17:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:30 – 19:09शुभ
अमृत19:09 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 00:03टालें
काल00:03 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:19शुभ
उद्वेग03:19 – 04:57टालें
शुभ04:57 – 06:35शुभ

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:28 तक
अमावस्या 12:32, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:24, 9 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 03:03, 9 नव॰ तक
सौभाग्य 02:57, 10 नव॰ तक
करण
शकुनि 11:28 तक
चतुष्पद 23:57 तक
नाग 12:32, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
05:33
चंद्रास्त
16:39
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:08 – 17:30
यमगंड
12:02 – 13:24
गुलिक काल
14:46 – 16:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3407:29दिन
शुक्र07:2908:24दिन
बुध08:2409:18दिन
चंद्र09:1810:13दिन
शनि10:1311:08दिन
गुरु11:0812:02दिन
मंगल12:0212:57दिन
सूर्य12:5713:52दिन
शुक्र13:5214:46दिन
बुध14:4615:41दिन
चंद्र15:4116:36दिन
शनि16:3617:30दिन
गुरु17:3018:36रात
मंगल18:3619:41रात
सूर्य19:4120:47रात
शुक्र20:4721:52रात
बुध21:5222:57रात
चंद्र22:5700:03रात
शनि00:0301:08रात
गुरु01:0802:13रात
मंगल02:1303:19रात
सूर्य03:1904:24रात
शुक्र04:2405:29रात
बुध05:2906:35रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।