8 जनवरी 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (04:34, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:13 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 11:07 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:40
रात 07:11 तक
तिथि
प्रतिपदा, 04:34 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:10 – 08:29सामान्य
लाभ08:29 – 09:48शुभ
अमृत09:48 – 11:07शुभ
काल11:07 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 13:44शुभ
रोग13:44 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:21टालें
चर16:21 – 17:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:40 – 19:21टालें
काल19:21 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:44शुभ
उद्वेग22:44 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:29सामान्य
रोग05:29 – 07:11टालें

8 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 04:34, 9 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 07:07, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:16, 9 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 15:22 तक
हर्षण 16:15, 9 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 15:14 तक
बव 04:34, 9 जन॰ तक
बालव 17:52, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 15:59 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
18:06
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
11:07 – 12:25
यमगंड
15:03 – 16:21
गुलिक काल
08:29 – 09:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1008:03दिन
बुध08:0308:55दिन
चंद्र08:5509:48दिन
शनि09:4810:40दिन
गुरु10:4011:33दिन
मंगल11:3312:25दिन
सूर्य12:2513:18दिन
शुक्र13:1814:10दिन
बुध14:1015:03दिन
चंद्र15:0315:55दिन
शनि15:5516:48दिन
गुरु16:4817:40दिन
मंगल17:4018:48रात
सूर्य18:4819:55रात
शुक्र19:5521:03रात
बुध21:0322:10रात
चंद्र22:1023:18रात
शनि23:1800:25रात
गुरु00:2501:33रात
मंगल01:3302:40रात
सूर्य02:4003:48रात
शुक्र03:4804:55रात
बुध04:5506:03रात
चंद्र06:0307:11रात

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।