15 जनवरी 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (14:13 तक), नक्षत्र रेवती (23:51 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 11:09 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:46
रात 07:10 तक
तिथि
सप्तमी, 14:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती, 23:51 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:10 – 08:30सामान्य
लाभ08:30 – 09:49शुभ
अमृत09:49 – 11:09शुभ
काल11:09 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 13:47शुभ
रोग13:47 – 15:07टालें
उद्वेग15:07 – 16:26टालें
चर16:26 – 17:46सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:46 – 19:26टालें
काल19:26 – 21:07टालें
लाभ21:07 – 22:47शुभ
उद्वेग22:47 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 02:09शुभ
अमृत02:09 – 03:49शुभ
चर03:49 – 05:30सामान्य
रोग05:30 – 07:10टालें

15 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 14:13 तक
शुक्ल अष्टमी 13:43, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:51 तक
अश्विनी 23:38, 16 जन॰ तक
योग
शिव 16:18 तक
सिद्ध 14:38, 16 जन॰ तक
करण
वणिज 14:13 तक
विष्टि (भद्रा) 02:04, 16 जन॰ तक
बव 13:43, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:51 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
11:16
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
11:09 – 12:28
यमगंड
15:07 – 16:26
गुलिक काल
08:30 – 09:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1008:03दिन
बुध08:0308:56दिन
चंद्र08:5609:49दिन
शनि09:4910:42दिन
गुरु10:4211:35दिन
मंगल11:3512:28दिन
सूर्य12:2813:21दिन
शुक्र13:2114:14दिन
बुध14:1415:07दिन
चंद्र15:0716:00दिन
शनि16:0016:53दिन
गुरु16:5317:46दिन
मंगल17:4618:53रात
सूर्य18:5320:00रात
शुक्र20:0021:07रात
बुध21:0722:14रात
चंद्र22:1423:21रात
शनि23:2100:28रात
गुरु00:2801:35रात
मंगल01:3502:42रात
सूर्य02:4203:49रात
शुक्र03:4904:56रात
बुध04:5606:03रात
चंद्र06:0307:10रात

अयनांश 24.2348° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।