20 जनवरी 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

बुधवार, 20 जनवरी 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 जनवरी 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (01:12, 21 जन॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (16:17 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:50
रात 07:10 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:12 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 16:17 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:10 – 08:30शुभ
अमृत08:30 – 09:50शुभ
काल09:50 – 11:10टालें
शुभ11:10 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:50टालें
उद्वेग13:50 – 15:10टालें
चर15:10 – 16:30सामान्य
लाभ16:30 – 17:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:50 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 21:10शुभ
अमृत21:10 – 22:50शुभ
चर22:50 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:30शुभ
उद्वेग05:30 – 07:10टालें

20 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 01:12, 21 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 21:30, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 13:24, 21 जन॰ तक
योग
इंद्र 22:23 तक
वैधृतिअशुभ 18:08, 21 जन॰ तक
करण
कौलव 14:59 तक
तैतिल 01:12, 21 जन॰ तक
गर 11:22, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
15:20
चंद्रास्त
04:57
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:50
यमगंड
08:30 – 09:50
गुलिक काल
11:10 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1008:03दिन
चंद्र08:0308:56दिन
शनि08:5609:50दिन
गुरु09:5010:43दिन
मंगल10:4311:36दिन
सूर्य11:3612:30दिन
शुक्र12:3013:23दिन
बुध13:2314:16दिन
चंद्र14:1615:10दिन
शनि15:1016:03दिन
गुरु16:0316:56दिन
मंगल16:5617:50दिन
सूर्य17:5018:56रात
शुक्र18:5620:03रात
बुध20:0321:10रात
चंद्र21:1022:16रात
शनि22:1623:23रात
गुरु23:2300:30रात
मंगल00:3001:36रात
सूर्य01:3602:43रात
शुक्र02:4303:50रात
बुध03:5004:56रात
चंद्र04:5606:03रात
शनि06:0307:10रात

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।