4 मार्च 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 4 मार्च 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 मार्च 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (07:24 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (01:35, 5 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 13:58 से 15:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:21
रात 06:40 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 01:35 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:41 – 08:08शुभ
रोग08:08 – 09:36टालें
उद्वेग09:36 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 13:58शुभ
अमृत13:58 – 15:26शुभ
काल15:26 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:21 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:58टालें
काल22:58 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:35टालें
शुभ03:35 – 05:07शुभ
अमृत05:07 – 06:40शुभ

4 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 07:24 तक
कृष्ण द्वादशी 09:54, 5 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:35, 5 मार्च तक
श्रवण 04:20, 6 मार्च तक
योग
वरीयान 02:00, 5 मार्च तक
परिघअशुभ 02:42, 6 मार्च तक
करण
बालव 07:24 तक
कौलव 20:41 तक
तैतिल 09:54, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
04:10
चंद्रास्त
14:47
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
13:58 – 15:26
यमगंड
06:41 – 08:08
गुलिक काल
09:36 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4107:39दिन
मंगल07:3908:37दिन
सूर्य08:3709:36दिन
शुक्र09:3610:34दिन
बुध10:3411:32दिन
चंद्र11:3212:31दिन
शनि12:3113:29दिन
गुरु13:2914:27दिन
मंगल14:2715:26दिन
सूर्य15:2616:24दिन
शुक्र16:2417:22दिन
बुध17:2218:21दिन
चंद्र18:2119:22रात
शनि19:2220:24रात
गुरु20:2421:25रात
मंगल21:2522:27रात
सूर्य22:2723:29रात
शुक्र23:2900:30रात
बुध00:3001:32रात
चंद्र01:3202:33रात
शनि02:3303:35रात
गुरु03:3504:36रात
मंगल04:3605:38रात
सूर्य05:3806:40रात

अयनांश 24.2366° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।