6 मार्च 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 6 मार्च 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 मार्च 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (12:04 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:42, 7 मार्च तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 09:34 से 11:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 18:22
रात 06:37 तक
तिथि
त्रयोदशी, 12:04 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:39 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:34शुभ
रोग09:34 – 11:02टालें
उद्वेग11:02 – 12:30टालें
चर12:30 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:26शुभ
अमृत15:26 – 16:54शुभ
काल16:54 – 18:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:22 – 19:54शुभ
उद्वेग19:54 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:30शुभ
चर00:30 – 02:02सामान्य
रोग02:02 – 03:34टालें
काल03:34 – 05:06टालें
लाभ05:06 – 06:37शुभ

6 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 12:04 तक
कृष्ण चतुर्दशी 13:46, 7 मार्च तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 06:42, 7 मार्च तक
योग
शिव 03:05, 7 मार्च तक
सिद्ध 03:06, 8 मार्च तक
करण
वणिज 12:04 तक
विष्टि (भद्रा) 00:59, 7 मार्च तक
शकुनि 13:46, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 17:34 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
05:21
चंद्रास्त
16:38
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:34 – 11:02
यमगंड
13:58 – 15:26
गुलिक काल
06:39 – 08:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3907:37दिन
गुरु07:3708:36दिन
मंगल08:3609:34दिन
सूर्य09:3410:33दिन
शुक्र10:3311:32दिन
बुध11:3212:30दिन
चंद्र12:3013:29दिन
शनि13:2914:27दिन
गुरु14:2715:26दिन
मंगल15:2616:25दिन
सूर्य16:2517:23दिन
शुक्र17:2318:22दिन
बुध18:2219:23रात
चंद्र19:2320:25रात
शनि20:2521:26रात
गुरु21:2622:27रात
मंगल22:2723:28रात
सूर्य23:2800:30रात
शुक्र00:3001:31रात
बुध01:3102:32रात
चंद्र02:3203:34रात
शनि03:3404:35रात
गुरु04:3505:36रात
मंगल05:3606:37रात

अयनांश 24.2367° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।