8 मार्च 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 8 मार्च 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 मार्च 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:59 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:35 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 08:05 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:23
रात 06:35 तक
तिथि
अमावस्या, 14:59 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:05शुभ
काल08:05 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:01शुभ
रोग11:01 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:26सामान्य
लाभ15:26 – 16:55शुभ
अमृत16:55 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:55सामान्य
रोग19:55 – 21:26टालें
काल21:26 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:35सामान्य

8 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 14:59 तक
शुक्ल प्रतिपदा 15:41, 9 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:35 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:58, 9 मार्च तक
योग
साध्य 02:43, 9 मार्च तक
शुभ 01:58, 10 मार्च तक
करण
नाग 14:59 तक
किंस्तुघ्न 03:24, 9 मार्च तक
बव 15:41, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 03:40, 9 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
06:22
चंद्रास्त
18:27
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:05 – 09:33
यमगंड
11:01 – 12:30
गुलिक काल
13:58 – 15:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:35दिन
शनि07:3508:34दिन
गुरु08:3409:33दिन
मंगल09:3310:32दिन
सूर्य10:3211:31दिन
शुक्र11:3112:30दिन
बुध12:3013:29दिन
चंद्र13:2914:28दिन
शनि14:2815:26दिन
गुरु15:2616:25दिन
मंगल16:2517:24दिन
सूर्य17:2418:23दिन
शुक्र18:2319:24रात
बुध19:2420:25रात
चंद्र20:2521:26रात
शनि21:2622:27रात
गुरु22:2723:28रात
मंगल23:2800:29रात
सूर्य00:2901:30रात
शुक्र01:3002:31रात
बुध02:3103:32रात
चंद्र03:3204:33रात
शनि04:3305:34रात
गुरु05:3406:35रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।