28 मार्च 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

रविवार, 28 मार्च 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 मार्च 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (15:05 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (00:32, 29 मार्च तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 17:01 से 18:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:34
रात 06:13 तक
तिथि
षष्ठी, 15:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 00:32 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:14 – 07:47टालें
चर07:47 – 09:19सामान्य
लाभ09:19 – 10:52शुभ
अमृत10:52 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 17:01टालें
उद्वेग17:01 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:34 – 20:01शुभ
अमृत20:01 – 21:29शुभ
चर21:29 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:51टालें
लाभ01:51 – 03:18शुभ
उद्वेग03:18 – 04:46टालें
शुभ04:46 – 06:13शुभ

28 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 15:05 तक
कृष्ण सप्तमी 17:11, 29 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:32, 29 मार्च तक
मूल 03:18, 30 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:07, 29 मार्च तक
वरीयान 06:54, 30 मार्च तक
करण
वणिज 15:05 तक
विष्टि (भद्रा) 04:04, 29 मार्च तक
बव 17:11, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 00:32, 29 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
09:55
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
17:01 – 18:34
यमगंड
12:24 – 13:57
गुलिक काल
15:29 – 17:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1407:16दिन
शुक्र07:1608:18दिन
बुध08:1809:19दिन
चंद्र09:1910:21दिन
शनि10:2111:22दिन
गुरु11:2212:24दिन
मंगल12:2413:26दिन
सूर्य13:2614:27दिन
शुक्र14:2715:29दिन
बुध15:2916:31दिन
चंद्र16:3117:32दिन
शनि17:3218:34दिन
गुरु18:3419:32रात
मंगल19:3220:30रात
सूर्य20:3021:29रात
शुक्र21:2922:27रात
बुध22:2723:25रात
चंद्र23:2500:24रात
शनि00:2401:22रात
गुरु01:2202:20रात
मंगल02:2003:18रात
सूर्य03:1804:17रात
शुक्र04:1705:15रात
बुध05:1506:13रात

अयनांश 24.2375° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।