30 दिसंबर 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 30 दिसंबर 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 दिसंबर 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (08:12, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (10:07 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 13:39 से 14:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 17:34
रात 07:09 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:08 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:45टालें
उद्वेग09:45 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 14:57शुभ
काल14:57 – 16:15टालें
शुभ16:15 – 17:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:34 – 19:16शुभ
चर19:16 – 20:57सामान्य
रोग20:57 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:21टालें
लाभ00:21 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:45टालें
शुभ03:45 – 05:27शुभ
अमृत05:27 – 07:09शुभ

30 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 08:12, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:06, 31 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 08:54 तक
हर्षण 09:44, 31 दिस॰ तक
करण
तैतिल 18:54 तक
गर 08:12, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
08:51
चंद्रास्त
19:51
दिनमान
10h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 14:57
यमगंड
07:08 – 08:27
गुलिक काल
09:45 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0808:01दिन
मंगल08:0108:53दिन
सूर्य08:5309:45दिन
शुक्र09:4510:37दिन
बुध10:3711:29दिन
चंद्र11:2912:21दिन
शनि12:2113:13दिन
गुरु13:1314:05दिन
मंगल14:0514:57दिन
सूर्य14:5715:49दिन
शुक्र15:4916:42दिन
बुध16:4217:34दिन
चंद्र17:3418:42रात
शनि18:4219:49रात
गुरु19:4920:57रात
मंगल20:5722:05रात
सूर्य22:0523:13रात
शुक्र23:1300:21रात
बुध00:2101:29रात
चंद्र01:2902:37रात
शनि02:3703:45रात
गुरु03:4504:53रात
मंगल04:5306:01रात
सूर्य06:0107:09रात

अयनांश 24.2481° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।