12 जनवरी 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

बुधवार, 12 जनवरी 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 जनवरी 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:33 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (19:21 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 12:27 से 13:46 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 17:43
रात 07:11 तक
तिथि
प्रतिपदा, 06:07 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 19:21 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:11 – 08:30शुभ
अमृत08:30 – 09:49शुभ
काल09:49 – 11:08टालें
शुभ11:08 – 12:27शुभ
रोग12:27 – 13:46टालें
उद्वेग13:46 – 15:05टालें
चर15:05 – 16:24सामान्य
लाभ16:24 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:43 – 19:24टालें
शुभ19:24 – 21:05शुभ
अमृत21:05 – 22:46शुभ
चर22:46 – 00:27सामान्य
रोग00:27 – 02:08टालें
काल02:08 – 03:49टालें
लाभ03:49 – 05:30शुभ
उद्वेग05:30 – 07:11टालें

12 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 09:33 तक
कृष्ण प्रतिपदा 06:07, 13 जन॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:39, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:37, 13 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 17:55 तक
विष्कंभअशुभ 13:51, 13 जन॰ तक
करण
बव 09:33 तक
बालव 19:51 तक
कौलव 06:07, 13 जन॰ तक
तैतिल 16:23, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 14:01 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
18:02
चंद्रास्त
07:12
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 13:46
यमगंड
08:30 – 09:49
गुलिक काल
11:08 – 12:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1108:03दिन
चंद्र08:0308:56दिन
शनि08:5609:49दिन
गुरु09:4910:41दिन
मंगल10:4111:34दिन
सूर्य11:3412:27दिन
शुक्र12:2713:20दिन
बुध13:2014:12दिन
चंद्र14:1215:05दिन
शनि15:0515:58दिन
गुरु15:5816:50दिन
मंगल16:5017:43दिन
सूर्य17:4318:50रात
शुक्र18:5019:58रात
बुध19:5821:05रात
चंद्र21:0522:12रात
शनि22:1223:20रात
गुरु23:2000:27रात
मंगल00:2701:34रात
सूर्य01:3402:41रात
शुक्र02:4103:49रात
बुध03:4904:56रात
चंद्र04:5606:03रात
शनि06:0307:11रात

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।