26 फ़रवरी 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 26 फ़रवरी 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 फ़रवरी 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:40 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:08 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 09:39 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:17
रात 06:46 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:40 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:47 – 08:13टालें
शुभ08:13 – 09:39शुभ
रोग09:39 – 11:06टालें
उद्वेग11:06 – 12:32टालें
चर12:32 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 16:51शुभ
काल16:51 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:17 – 19:51शुभ
उद्वेग19:51 – 21:24टालें
शुभ21:24 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:31शुभ
चर00:31 – 02:05सामान्य
रोग02:05 – 03:39टालें
काल03:39 – 05:12टालें
लाभ05:12 – 06:46शुभ

26 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:40 तक
शुक्ल द्वितीया 21:00, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:08 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:01, 27 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 21:37 तक
साध्य 22:19, 27 फ़र॰ तक
करण
बव 18:40 तक
बालव 07:52, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 04:19, 27 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
06:59
चंद्रास्त
19:10
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
09:39 – 11:06
यमगंड
13:58 – 15:24
गुलिक काल
06:47 – 08:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4707:44दिन
गुरु07:4408:42दिन
मंगल08:4209:39दिन
सूर्य09:3910:37दिन
शुक्र10:3711:34दिन
बुध11:3412:32दिन
चंद्र12:3213:29दिन
शनि13:2914:27दिन
गुरु14:2715:24दिन
मंगल15:2416:22दिन
सूर्य16:2217:19दिन
शुक्र17:1918:17दिन
बुध18:1719:19रात
चंद्र19:1920:22रात
शनि20:2221:24रात
गुरु21:2422:27रात
मंगल22:2723:29रात
सूर्य23:2900:31रात
शुक्र00:3101:34रात
बुध01:3402:36रात
चंद्र02:3603:39रात
शनि03:3904:41रात
गुरु04:4105:43रात
मंगल05:4306:46रात

अयनांश 24.2503° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।