7 मार्च 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 7 मार्च 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 मार्च 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (20:30 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (17:14 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:23
रात 06:36 तक
तिथि
एकादशी, 20:30 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 17:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:37 – 08:05टालें
उद्वेग08:05 – 09:33टालें
चर09:33 – 11:02सामान्य
लाभ11:02 – 12:30शुभ
अमृत12:30 – 13:58शुभ
काल13:58 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:55शुभ
रोग16:55 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:23 – 19:55टालें
लाभ19:55 – 21:26शुभ
उद्वेग21:26 – 22:58टालें
शुभ22:58 – 00:29शुभ
अमृत00:29 – 02:01शुभ
चर02:01 – 03:32सामान्य
रोग03:32 – 05:04टालें
काल05:04 – 06:36टालें

7 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 20:30 तक
शुक्ल द्वादशी 17:27, 8 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 15:00, 8 मार्च तक
योग
सौभाग्य 12:18 तक
शोभन 08:48, 8 मार्च तक
करण
वणिज 09:50 तक
विष्टि (भद्रा) 20:30 तक
बव 07:02, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 11:42 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
14:21
चंद्रास्त
03:33
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:55
यमगंड
09:33 – 11:02
गुलिक काल
12:30 – 13:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3707:36दिन
सूर्य07:3608:34दिन
शुक्र08:3409:33दिन
बुध09:3310:32दिन
चंद्र10:3211:31दिन
शनि11:3112:30दिन
गुरु12:3013:29दिन
मंगल13:2914:28दिन
सूर्य14:2815:26दिन
शुक्र15:2616:25दिन
बुध16:2517:24दिन
चंद्र17:2418:23दिन
शनि18:2319:24रात
गुरु19:2420:25रात
मंगल20:2521:26रात
सूर्य21:2622:27रात
शुक्र22:2723:28रात
बुध23:2800:29रात
चंद्र00:2901:30रात
शनि01:3002:31रात
गुरु02:3103:32रात
मंगल03:3204:34रात
सूर्य04:3405:35रात
शुक्र05:3506:36रात

अयनांश 24.2507° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।