3 अप्रैल 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 3 अप्रैल 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 अप्रैल 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:00 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (01:00, 4 अप्रैल तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 07:41 से 09:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:37
रात 06:06 तक
तिथि
अष्टमी, 12:00 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 01:00 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:07 – 07:41शुभ
काल07:41 – 09:14टालें
शुभ09:14 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:56टालें
चर13:56 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 17:04शुभ
अमृत17:04 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:37 – 20:03सामान्य
रोग20:03 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:56टालें
लाभ22:56 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:14शुभ
अमृत03:14 – 04:40शुभ
चर04:40 – 06:06सामान्य

3 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:00 तक
शुक्ल नवमी 10:07, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 01:00, 4 अप्रैल तक
पुष्य 23:34, 4 अप्रैल तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:10 तक
सुकर्मा 16:23, 4 अप्रैल तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 23:08 तक
कौलव 10:07, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मिथुन 19:17 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
12:08
चंद्रास्त
01:26
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 09:14
यमगंड
10:48 – 12:22
गुलिक काल
13:56 – 15:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0707:09दिन
शनि07:0908:12दिन
गुरु08:1209:14दिन
मंगल09:1410:17दिन
सूर्य10:1711:20दिन
शुक्र11:2012:22दिन
बुध12:2213:25दिन
चंद्र13:2514:27दिन
शनि14:2715:30दिन
गुरु15:3016:32दिन
मंगल16:3217:35दिन
सूर्य17:3518:37दिन
शुक्र18:3719:35रात
बुध19:3520:32रात
चंद्र20:3221:29रात
शनि21:2922:27रात
गुरु22:2723:24रात
मंगल23:2400:22रात
सूर्य00:2201:19रात
शुक्र01:1902:16रात
बुध02:1603:14रात
चंद्र03:1404:11रात
शनि04:1105:08रात
गुरु05:0806:06रात

अयनांश 24.2517° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।