22 अगस्त 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 22 अगस्त 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 22 अगस्त 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (08:44 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (01:46, 23 अग॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 15:35 से 17:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:50
रात 05:53 तक
तिथि
तृतीया, 05:10 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 01:46 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:53 – 07:30टालें
उद्वेग07:30 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:58शुभ
काल13:58 – 15:35टालें
शुभ15:35 – 17:13शुभ
रोग17:13 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:50 – 20:13टालें
लाभ20:13 – 21:36शुभ
उद्वेग21:36 – 22:59टालें
शुभ22:59 – 00:22शुभ
अमृत00:22 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:31टालें
काल04:31 – 05:53टालें

22 अगस्त 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 08:44 तक
शुक्ल तृतीया 05:10, 23 अग॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 01:55, 24 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 23:16, 23 अग॰ तक
योग
सिद्ध 16:47 तक
साध्य 12:50, 23 अग॰ तक
करण
कौलव 08:44 तक
तैतिल 18:55 तक
गर 05:10, 23 अग॰ तक
वणिज 15:29, 23 अग॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 09:50 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
07:46
चंद्रास्त
19:57
दिनमान
12h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:35 – 17:13
यमगंड
09:07 – 10:44
गुलिक काल
12:21 – 13:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5306:58दिन
सूर्य06:5808:02दिन
शुक्र08:0209:07दिन
बुध09:0710:12दिन
चंद्र10:1211:17दिन
शनि11:1712:21दिन
गुरु12:2113:26दिन
मंगल13:2614:31दिन
सूर्य14:3115:35दिन
शुक्र15:3516:40दिन
बुध16:4017:45दिन
चंद्र17:4518:50दिन
शनि18:5019:45रात
गुरु19:4520:40रात
मंगल20:4021:36रात
सूर्य21:3622:31रात
शुक्र22:3123:26रात
बुध23:2600:22रात
चंद्र00:2201:17रात
शनि01:1702:12रात
गुरु02:1203:08रात
मंगल03:0804:03रात
सूर्य04:0304:58रात
शुक्र04:5805:53रात

अयनांश 24.2571° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।