10 अक्टूबर 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:48, 11 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:10 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 15:00 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:55
रात 06:17 तक
तिथि
सप्तमी, 05:48 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:16 – 07:43टालें
उद्वेग07:43 – 09:11टालें
चर09:11 – 10:38सामान्य
लाभ10:38 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:33शुभ
काल13:33 – 15:00टालें
शुभ15:00 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:55 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 21:00शुभ
उद्वेग21:00 – 22:33टालें
शुभ22:33 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:11सामान्य
रोग03:11 – 04:44टालें
काल04:44 – 06:17टालें

10 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:48, 11 अक्टू॰ तक
कृष्ण अष्टमी 04:55, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:29, 11 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 09:34 तक
परिघअशुभ 08:12, 11 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:00 तक
बव 05:48, 11 अक्टू॰ तक
बालव 17:26, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
22:42
चंद्रास्त
12:08
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
15:00 – 16:27
यमगंड
09:11 – 10:38
गुलिक काल
12:05 – 13:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1607:14दिन
सूर्य07:1408:13दिन
शुक्र08:1309:11दिन
बुध09:1110:09दिन
चंद्र10:0911:07दिन
शनि11:0712:05दिन
गुरु12:0513:04दिन
मंगल13:0414:02दिन
सूर्य14:0215:00दिन
शुक्र15:0015:58दिन
बुध15:5816:57दिन
चंद्र16:5717:55दिन
शनि17:5518:57रात
गुरु18:5719:58रात
मंगल19:5821:00रात
सूर्य21:0022:02रात
शुक्र22:0223:04रात
बुध23:0400:06रात
चंद्र00:0601:08रात
शनि01:0802:09रात
गुरु02:0903:11रात
मंगल03:1104:13रात
सूर्य04:1305:15रात
शुक्र05:1506:17रात

अयनांश 24.2590° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।